असम में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं, 10 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और कई इलाकों से पानी उतरने लगा है। फिर भी, 10.6 लाख से अधिक लोग अब भी इस आपदा से प्रभावित हैं। हज़ारों परिवार राहत और पुनर्वास पर निर्भर हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। बाढ़ के कहर और लोगों की बेबसी की तस्वीरें देखकर हर कोई भावुक हो जाएगा।
राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं टीमें, मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य के ऊपरी असम (अपर असम) के कई प्रभावित इलाकों से पानी उतरना शुरू हो गया है। राज्य सरकार युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए है। प्रशासन विशेष रूप से शिवसागर जिले के नाज़िरा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है, जो बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमें प्रभावित लोगों तक बिना किसी बाधा के पीने का पानी, भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा रही हैं। पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।प्रत्येक
प्रभावित गांव तक समय पर पहुंचेगी राहत सामग्री
मुख्यमंत्री
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता
उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ
समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक प्रभावित गांव तक समय पर
राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री करेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह अगले एक-दो दिनों के भीतर स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे, ताकि ज़मीनी स्थिति का जायज़ा लेने के साथ-साथ राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा कर सकें। उन्होंने कहा, "मैं अगले एक-दो दिनों में प्रभावित इलाकों का दौरा करूंगा और चल रहे राहत कार्यों का निरीक्षण करूंगा।"पुनर्वास
कार्यों में स्थानीय प्रशासन का सहयोग ज़रूरी
राज्य
सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत अभियान और तेज़ कर दिया है। अधिकारी लगातार
तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं, राहत सामग्री
वितरित की जा रही है और बढ़ते जलस्तर के कारण विस्थापित हुए लोगों को आपातकालीन
सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य
बनाने के प्रयास तेज़ कर रही है।
साथ ही नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर
लगातार नज़र रखी जा रही है, ताकि किसी भी नई
परिस्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। प्रशासन ने संवेदनशील और बाढ़ संभावित
क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में
स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री
मोदी ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से राज्य में बाढ़ की
मौजूदा स्थिति पर बात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री को उन कदमों के बारे में जानकारी दी जो
असम सरकार प्रभावित लोगों को राहत देने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठा रही है कि
बाढ़ से प्रभावित हर परिवार तक मदद पहुंचे।" प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ से
हुई जान-माल की भारी क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया और दोहराया कि इस संकट के समय
केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ मज़बूती से खड़ी है।
11 लाख से अधिक लोग प्रभावित, बचाव दल सक्रिय
असम में
राज्य और पड़ोसी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से बार-बार बाढ़ आ रही है, जिससे कई जिले प्रभावित हुए हैं और हज़ारों लोग विस्थापित
हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने, बचाव और राहत कार्यों में राज्य की एजेंसियां, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सेना और बचाव दल की दूसरी टीमें लगी हुई हैं।
बाढ़ की
बदलती स्थिति पर लगातार नज़र, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
राज्य
सरकार राहत कैंप चला रही है, ज़रूरी सामान
बांट रही है और खराब हुए बुनियादी ढांचे को ठीक कर रही है। साथ ही वह केंद्रीय
एजेंसियों के साथ मिलकर बाढ़ की बदलती स्थिति पर लगातार नज़र भी रख रही है। इससे
पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने 24 जुलाई को कहा था
कि ऊपरी असम के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लगभग 80,000 लोगों को अभी तक राहत नहीं मिली है।
राहत अभियान जारी होने
के बावजूद नाज़िरा में लगभग 50,000 और
शिवसागर में 30,000 लोग अभी भी पहुंच से बाहर
हैं। बाढ़ ने बिजली के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में 60,000 से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
असम में
बाढ़ से 10.6 लाख से
अधिक लोग प्रभावित, 24 घंटे काम
कर रही सरकार
असम में
बाढ़ के कहर से 10.6 लाख से अधिक लोग
प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य
सरकार प्रभावित लोगों तक राहत और पुनर्वास सहायता पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रही है। उन्होंने कहा, "इस आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। हमारी सरकार
प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम कर रही है। भोजन, पानी, दवाइयों और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की लगातार आपूर्ति
सुनिश्चित की जा रही है।"
कहां
कितना नुकसान: 47 की मौत, सैकड़ों घर तबाह
मुख्यमंत्री
द्वारा साझा किए गए ताज़ा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, 29 अप्रैल से 23 जुलाई के बीच राज्य के 25 जिलों में 10,63,216 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 77 राजस्व सर्किल और 2,023 गांव बाढ़ की
चपेट में आए हैं। 162 राहत शिविर चलाए
जा रहे हैं, जहां 41,264 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा, 1,072 राहत वितरण केंद्र बनाए गए हैं। अब तक बाढ़ से 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोग अभी भी लापता
हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 401 घर पूरी तरह नष्ट
हो गए हैं, जबकि 1,856 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
